MP Education Department E Attendance: 1 जुलाई से ‘Hamare Shikshak App’ पर ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य
MP Education Department E Attendance : मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department Madhya Pradesh) ने डिजिटल साक्षरता और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। शिक्षण व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और अनुशासित बनाने के उद्देश्य से लोक शिक्षण संचालनालय (DPI – Directorate of Public Instruction) ने E-Attendance को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
नए आदेश के अनुसार, 1 जुलाई 2026 से शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी कार्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यरत शासकीय कर्मचारियों को Hamare Shikshak App के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह लेख इस नए नियम, DPI के आदेश के मुख्य बिंदुओं और ‘हमारे शिक्षक ऐप’ के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।
1. आदेश की पृष्ठभूमि और DPI Order Details
शिक्षा विभाग में समयबद्धता (Punctuality) और कार्यकुशलता सुनिश्चित करने के लिए शासन लगातार प्रयास कर रहा है। लोक शिक्षण संचालनालय (गौतम नगर, भोपाल) द्वारा आदेश क्रमांक 1/1107160/2026 जारी किया गया है।
पूर्व निर्देशों का विस्तार (Extension of Previous Orders)
संचालनालय द्वारा पूर्व में जारी पत्र क्रमांक/अकादमिक/ह.शि/2025/1074 (दिनांक 20.06.2025) के माध्यम से राज्य के शिक्षकों के लिए ‘हमारे शिक्षक ऐप’ के जरिए ई-अटेंडेंस (E-Attendance) की व्यवस्था लागू की गई थी। अब इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाते हुए इसे विभाग के अन्य अंगों पर भी लागू कर दिया गया है।
1 जुलाई 2026 से नया नियम (New Rule from 1st July 2026)
उक्त निर्देशों के अनुक्रम में अब स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले समस्त कार्यालयों (Offices) एवं प्रशिक्षण संस्थानों (Training Institutes) में कार्यरत समस्त शासकीय अमले को 1 जुलाई 2026 से नियमित रूप से इसी प्रणाली के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इसका सीधा अर्थ यह है कि अब केवल स्कूल के शिक्षक ही नहीं, बल्कि ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर के विभागीय कार्यालयों के कर्मचारी भी Online Attendance MP प्रणाली का हिस्सा होंगे। यह नियम विभाग के समस्त शासकीय लोकसेवकों के लिए लागू होगा।
इस महत्वपूर्ण आदेश पर राज्य शिक्षा केंद्र, म.प्र. के संचालक हरजिन्दर सिंह और लोक शिक्षण म.प्र. के आयुक्त अभिषेक सिंह के डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signatures) मौजूद हैं, जो इस व्यवस्था के कड़ाई से पालन का संकेत देते हैं।
2. कार्यालय प्रमुखों की नई जिम्मेदारियां (Role of Office Heads)
इस आदेश के सफल क्रियान्वयन (Successful Implementation) का पूरा जिम्मा संबंधित कार्यालय प्रमुखों (Head of Offices) और प्रशिक्षण संस्थान प्रमुखों को सौंपा गया है।
DPI Order के अनुसार, इन अधिकारियों को निम्नलिखित कार्य सुनिश्चित करने होंगे:
- शत-प्रतिशत ऑनबोर्डिंग (100% Onboarding): कार्यालय प्रमुखों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके कार्यालय या संस्थान के सभी शासकीय लोकसेवक (Public Servants) ‘हमारे शिक्षक प्रणाली’ (Hamare Shikshak System) पर सफलतापूर्वक ऑनबोर्ड हो जाएं।
- उपस्थिति और अवकाश दर्ज करना (Attendance and Leave Management): कर्मचारियों को न केवल अपनी दैनिक उपस्थिति बल्कि अपने सभी प्रकार के अवकाश (Leave) भी इसी ऐप पर दर्ज करने होंगे।
- कड़ाई से पालन (Strict Compliance): शासन ने स्पष्ट किया है कि उक्त आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
3. What is ‘Hamare Shikshak App’? (हमारे शिक्षक ऐप क्या है?)
Hamare Shikshak App मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विकसित एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन और डिजिटल प्रणाली है। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और विभागीय कर्मचारियों के लिए उपस्थिति (Attendance) और अवकाश प्रबंधन (Leave Management) को पूरी तरह से पेपरलेस (Paperless) और पारदर्शी बनाना है।
Key Features of Hamare Shikshak App:
- Geo-Fenced Attendance: यह ऐप लोकेशन-आधारित (Location-based) तकनीक पर काम करता है। कर्मचारी अपने निर्धारित कार्यालय या स्कूल के दायरे में रहकर ही अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि कर्मचारी सही समय पर कार्यस्थल पर मौजूद हैं।
- Online Leave Management: पहले जहाँ कर्मचारियों को छुट्टी के लिए कागजी आवेदन (Paper applications) देने पड़ते थे, वहीं अब इस ऐप के माध्यम से वे आकस्मिक अवकाश (Casual Leave), अर्जित अवकाश (Earned Leave) या अन्य छुट्टियां ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।
- Real-Time Data Sync: ऐप पर दर्ज की गई उपस्थिति का डेटा सीधे विभाग के मुख्य सर्वर (MP Education Portal) से सिंक हो जाता है, जिससे वरिष्ठ अधिकारियों को रियल-टाइम मॉनिटरिंग (Real-time monitoring) में मदद मिलती है।
- User-Friendly Interface: इसे इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि तकनीकी रूप से कम साक्षर कर्मचारी भी इसे आसानी से नेविगेट कर सकें।
4. E-Attendance के मुख्य लाभ (Benefits of Online Attendance System)
मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा उठाया गया यह कदम कई मायनों में फायदेमंद साबित होगा:
- पारदर्शिता (Transparency): ई-अटेंडेंस प्रणाली से उपस्थिति पंजिका (Attendance Register) में होने वाली संभावित छेड़छाड़ या प्रॉक्सी अटेंडेंस (Proxy attendance) पर पूरी तरह से रोक लगेगी।
- समय की बचत (Time Saving): कागजी कार्यवाही कम होने से कार्यालयीन कार्यों में गति आएगी। अवकाश की स्वीकृति प्रक्रिया भी तेज होगी।
- सटीक वेतन निर्धारण (Accurate Payroll processing): उपस्थिति का सटीक डेटा होने से कर्मचारियों के वेतन (Salary) और भत्तों की गणना में कोई त्रुटि नहीं होगी।
- डेटा आधारित निर्णय (Data-Driven Decisions): शिक्षा विभाग के पास कर्मचारियों की उपलब्धता का सटीक डेटा होगा, जिससे प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अन्य विभागीय गतिविधियों की प्लानिंग बेहतर तरीके से की जा सकेगी।
- Hamare Shikshak App Download
- DPI Orders E-Attendance

Frequently Asked Questions on E Attendance
Q1. ‘हमारे शिक्षक ऐप’ (Hamare Shikshak App) के माध्यम से ई-अटेंडेंस कब से अनिवार्य की गई है?
Ans: लोक शिक्षण संचालनालय के आदेशानुसार, 1 जुलाई 2026 से ई-अटेंडेंस को नियमित रूप से दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है।
Q2. क्या यह नियम केवल स्कूलों के शिक्षकों के लिए है?
Ans: नहीं, शुरुआत में इसे शिक्षकों के लिए लागू किया गया था, लेकिन नए आदेश के तहत अब यह स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले समस्त कार्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों के सभी शासकीय अमले पर लागू होगा।
Q3. यदि मुझे छुट्टी लेनी हो, तो उसकी प्रक्रिया क्या होगी?
Ans: आदेश के अनुसार, कर्मचारियों को अपनी उपस्थिति के साथ-साथ अवकाश (Leave) भी ‘हमारे शिक्षक प्रणाली’ पर ही दर्ज करना सुनिश्चित करना होगा।
Q4. ऐप पर ऑनबोर्डिंग (Onboarding) सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है?
Ans: सभी संबंधित कार्यालय प्रमुखों (Head of Offices) और प्रशिक्षण संस्थान प्रमुखों की यह जिम्मेदारी है कि वे अपने अधीन कार्यरत सभी लोकसेवकों को इस प्रणाली पर ऑनबोर्ड करवाएं।
Q5. यह आदेश किस अधिकारी द्वारा जारी किया गया है?
Ans: यह एक संयुक्त आदेश है जिस पर राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक, हरजिन्दर सिंह और लोक शिक्षण म.प्र. के आयुक्त, अभिषेक सिंह के डिजिटल हस्ताक्षर हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
MP Education Department का यह डिजिटल कदम यह साबित करता है कि शासन शिक्षा के स्तर और प्रशासनिक कार्यकुशलता को लेकर बेहद गंभीर है। Hamare Shikshak App के माध्यम से E-Attendance का यह नया नियम 1 जुलाई 2026 से मध्य प्रदेश के शैक्षणिक प्रशासन में एक नई कार्य-संस्कृति (Work Culture) को जन्म देगा, जो समय की मांग भी है और विभाग के उज्ज्वल भविष्य की नींव भी।
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